बुधवार, 16 जुलाई 2025

सम्पूर्ण राजस्थानी लोक कहावतें

                      { 1 }

बात सांची भली, पोथी बांची भली ¡
देह साजी भली, बहू लाजी भली !!
लूवां बाजी भली, नौबत गाजी भली !
 गाय दूजी भली, गवर पूजी भली !!
 जोबन जोड़ी भली, कच्छी घोड़ी भली !
मौत मोड़ी भली, मंसा थोड़ी भली !!
 अंब केरी भली, माळा फेरी भली !
 कांठळ काळी भली, खेत पाळी भली !!
चौक नाळी भली, घीणै छाळी भली !
 घाव पाटी भली, भाख फाटी भली !!
 बिरखा वूठी भली, नांगै मूठी भली !
 आई तूठी भली, विपता खूटी भली !!
 मैथी फाकी भली, साख पाकी भली !
 पंथ गाड़ी भली, भैंस पाडी भली !!
प्रीत गाढ़ी भली, भींत जाडी भली !
 बात सांची भली, पोथी बांची भली !!


                    { 2 }

             आपणा बडेरा कहेग्या :~ 

बाग बिगाड़े बांदरो, सभा बिगाड़े फूहड़ ! 
                लालच बिगाड़े दोस्ती, करे केशर री धूड़ !! 
जीभड़ल्या इमरत बसै, जीभड़ल्या विष होय ! 
                 बोलण सूं ई ठा पड़े, कागा कोयल दोय !! 
चंदण री चिमटी भली, गाडो भलो ना काठ! 
           चातर तो एक ही भलो, मूरख भला ना साठ !! 
गरज गैली बावळी, जिण घर मांदा पूत ! 
             सावण घाले नी छाछड़ी, जेठा घाले नी दूध !! 
पाडा, बकरा, बांदरा, चौथी कुल्टा नार ! 
                  इतरा तो भूखा भला, धाया करै बोबाड़ !! 
भला मिनख ने भलो सूझै, कबूतर ने कुओं! 
        अमलदार ने एक ही सूझै, किण घर कुण मुओ !!

                           { 3 }

 तपे तावड़ो आकरो, तालरिया में ठाठ !
            समदां उफणी बादळी, खेतां मुळकियो जाट !!
 तपियो आकरो जेठ जद भीग्यो हो आषाढ़ !
            हळियो धरियो कांधै पर खेतां चालियो जाट !!
 उत्तर दिशा री बादळी नाँखे मोटी छांट !
                      मोती बरस्या आंगणे राजी हुयो जाट !!
उगियो धान खेत में धरती खोलिया कपाट !
                          लूरां लैवे जाटणी, तेजो गावे जाट !!
मैणत मीठी मतवाळी, गावे चारण भाट !
                 आशीष देवे आंतरा, जुग जुग जीये जाट !!
नीं होवे सिर फोड़िया सोलह दूणी आठ !
                   बुद्धि है बत्तीस गुणा, कर दिखावे जाट !!
मेड़ी बैठी जाटणी, खेत बिचाळे खाट !
            कण कण रमै रामजी जद हळियो खड़े जाट !!
 घी घाले जद जाटणी, मीठी लागे घाट !
                 खाता खायी जीभड़ी, भरपेट जीमै जाट !!
 धरती थारो काळजो, है शंकर रो ललाट !
              थारी लाज राखण नै महादेव बणाया जाट !!

गुरुवार, 10 जुलाई 2025

अपना गांव अपना इतिहास

गांव - खटटु,
 जिला - बालोतरा,
राज्य - राजस्थान 
खटटु गांव में 12 नगर हैं 1. शिवनगर 2. रामदेव नगर 3.जसनाथनगर 4.तेजाजी नगर 5.धतरवालो की ढाणी 6.लेगा नगर 7.अंबेडकर नगर 8. खेमा बाबा नगर   9.सतजी भोमिया नगर 10. खटटु 11. गोदारा नगर 12.नरेवा बेरा 

खटटु में देव स्थान 1. गोगाजी मन्दिर (पिलानी थान ) धतरवालो की ढाणी 
2.रामदेवजी मन्दिर (रामदेव नगर) 3.सिद्ध श्री खिया बाबा मन्दिर(धतरवालो की ढाणी) 4. हनुमान जी मन्दिर (खटटु गांव) 5.महादेवजी मन्दिर (धतरवालो की ढाणी) 6.नागणेच्या माता पठाल, भोळा बाबा मन्दिर भाकरी (जसनाथ नगर) 7. भोमिया जी थान लोलो की ढाणी (तेजाजी नगर) 8. जय श्री कला बाबा मंदिर कलोणी धतरवालो की ढाणी ( नरेवा बैरा) 9. तेजाजी का थान (नरेवा बैरा)

खटटु में 13.समाज निवास करती हैं 
1.जाट 2.राजपुत 3.राजपुरोहित 4. ब्राम्हण 5.दर्जी 6.नाई 7.सुथार 8. कुम्हार 9.गोस्वामी 10.मेघवाल 11.भील 12. जोगी 13. सांसी 

खटटु में जाटो की 13. गोत्र निवास करती है !
1. धतरवाल 2.थोरी 3.लेगा 4.गोदारा 5.सियाग 6.बागडवा 7.बैनिवाल 8.लोल 9.सारण 10.जाखड 11.मुढ 12.डऊकिया 13.बाता 


खटटु में राजपूत समाज में राठौड़ (वानर) व भाटी राजपूत निवास करते हैं 

खटटु में राजपुरोहित समाज की 1. गोत्र थानक परिवार निवास करता है !

खटटु में ब्राह्मण समाज की 2 गोत्र निवास करती हैं! 
1. भारद्वाज 2. कोशिक 


खटटु में दर्जी समाज की 

खटटु में नाई समाज की 


खटटु में सुथार समाज की 1. गोत्र बुड़ड परिवार निवास करता है !

खटटु में कुम्हार समाज की 2. गोत्र निवास करती हैं !
1.मुडेल 2. सिवटा 

खटटु में गोस्वामी समाज की 1. पुरी गोत्र परिवार निवास करता है !

खटटु में मेगवाल समाज की कई गोत्रे निवास करती हैं 
1. बायलोन 2. टाक  3. लुणा 4. चौहान  
 

खटटु में भील समाज की 


खटटु में जोगी समाज की 

खटटु में सांसी समाज की 


꧁ खटटु गांव का पंचायती राज सफर ꧂༻

सर्व प्रथम सरपंच किशनाराम जी ( किशन लाल) धतरवाल निर्विरोध चुनें गए जो 23 साल तक लगातार खट्टू व चान्देसरा के सरपंच रहें !

दुसरे सरपंच बालाराम जी लेगा 5 साल तक सरपंच रहें! 1995 से 2000 तक 

तीसरे सरपंच सरपंच जेठाराम जी धतरवाल 5. साल तक सरपंच रहें ! 2000 से 2005 तक 

चौथे सरपंच गोमाराम जी बैनिवाल 10 साल तक लगातार सरपंच रहें ! 2005 से 2015 तक 

पांचवें बार सरपंच श्री खेमी देवी % गोपाराम जी थोरी 5 साल तक 2015 से 2020 तक

वर्तमान सरपंच चुनाराम जी मेघवाल 2020 से आज तक 

              ꧁ गांव का गौरव  ꧂༻

            ꧁ ‌ शहीद  ꧂༻
1. शहीद श्री मघाराम जी बैनिवाल 

           ꧁  इंडियन आर्मी  ꧂༻

1. स्व श्री दुदाराम जी गोदारा 
2. स्व श्री राजेन्द्र कुमार धतरवाल 
3. अनाराम % भुराराम जी धतरवाल 
4. राजुराम % भुराराम जी धतरवाल 

          ꧁इसरो वैज्ञानिक  ꧂༻

1. चुनाराम % भोलाराम जी धतरवाल 

            ꧁  अध्यापक ꧂༻

1 लुम्भाराम % कानाराम जी लेगा 
2. लालाराम % गंगाराम जी थोरी 
3 ताजाराम % गंगाराम जी थोरी 
4. जीयाराम %  गंगाराम जी थोरी 
5. खेराजराम जी लैगा 
6. किस्तुरी देवी भीयाराम जी धतरवाल 
7. रुपाराम % रहिगाराम जी थोरी 
8. ठाकराराम जी थोरी 
9. बलवन्त कुमार % हिराराम जी डऊकिया 

 ꧁  शहीद मघाराम बेनीवाल  ꧂༻


शहीद मघाराम बेनीवाल (b ? - d.1965) (Magha Ram Beniwal) का जन्म राजस्थान के बाड़मेर जिले की पचपदरा तहसील के खट्टू (नेरवा बेरा) गाँव में उम्मेदाराम बेनीवाल के घर हुआ.

जीवन परिचय
मघाराम बेनीवाल का चयन भारतीय रेलवे में बतौर गैंगमैन हुआ.

सन 1965 के भारत-पाक युद्ध के दौरान गडरारोड़ पर भारत के सैनिक सप्लाई के रेल मार्ग को तोड़ दिया तो रेल पटरी ठीक करते हुए दिनांक 9 सितम्बर 1965 को वह अन्य 13 साथियों के साथ शहीद हुए. मौत की परवह किये बिना पाक की निरंतर एवं भारी बमबारी के बाद भी साथियों के साथ राष्ट्रीयता से औत-प्रोत हो कर रेल पटरी को ठीक कर दिया. इससे सिंध क्षेत्र में सीमा पर लड़ रहे सैनिकों की सैनिक सप्लाई बहाल हो पाई.

देश के लिए अपने कर्तव्यपालन करने वाले गडरारोड़ के सभी 14 शहीदों की स्मृति में रेलवेमेन्स यूनियन के तत्वाधान में शहीद स्मारक बनाया गया है, जहाँ प्रतिवर्ष 9 सितम्बर को शहीद मेले का आयोजन होता है.

धतरवाल गोत्र पर दोहे

जाट समौ इण जगत में म्होने दूजों नी आवै दाय  !
आस करे नि और री खरी कमाई खाय  !!


धतरवाल जाटों का गुणगान 
(1) कुवो खुदायो कलश रो बांधी पुन री पाल !
      सौ सराई मारिया सिद्ध नाथु धतरवाल  !!
(2) धतरवालो में धुन कहिजे बागौ है सुरताणी !
      देवल माते इंडो चाडयो थाने न्यात बुलावें आगे !!
(3) खेमा, मुला, रामजी, बाग इदक डाण  !
      चवके चारों चौधरी जिते कळु मत जाण !!
(4) नाथु,जिवण, चन्दों जुझार हेम, राज, मुखराम !
     गणेश, जग, हुक्माराम, खेमा, कला, जेठाराम !!
 (5)  बायतु में बागो जी खट्टू में कलो जाट हुता जग              सावा !
         भुरगिरि हासी किन्ही भक्ति होग्या भेख भगवा           धारी !!
         अमरो चौधरी कहिजे आकरा सिद्धो चोधरी               होता न्याई !
रेखो धुडोणी साचा सेवक, मुळो पतोणी हुता कारिगर!!

भजन संग्रह

               भजन कलजी धतरवाल                             भजन  (1). कले जाट ने वासग मिळिया वासग मिणधारी रे ........! कळा कंवरजी थारी!  (2)....