जाट समौ इण जगत में म्होने दूजों नी आवै दाय !
आस करे नि और री खरी कमाई खाय !!
धतरवाल जाटों का गुणगान
(1) कुवो खुदायो कलश रो बांधी पुन री पाल !
सौ सराई मारिया सिद्ध नाथु धतरवाल !!
(2) धतरवालो में धुन कहिजे बागौ है सुरताणी !
देवल माते इंडो चाडयो थाने न्यात बुलावें आगे !!
(3) खेमा, मुला, रामजी, बाग इदक डाण !
चवके चारों चौधरी जिते कळु मत जाण !!
(4) नाथु,जिवण, चन्दों जुझार हेम, राज, मुखराम !
गणेश, जग, हुक्माराम, खेमा, कला, जेठाराम !!
(5) बायतु में बागो जी खट्टू में कलो जाट हुता जग सावा !
भुरगिरि हासी किन्ही भक्ति होग्या भेख भगवा धारी !!
अमरो चौधरी कहिजे आकरा सिद्धो चोधरी होता न्याई !
रेखो धुडोणी साचा सेवक, मुळो पतोणी हुता कारिगर!!