गुरुवार, 10 जुलाई 2025

धतरवाल गोत्र पर दोहे

जाट समौ इण जगत में म्होने दूजों नी आवै दाय  !
आस करे नि और री खरी कमाई खाय  !!


धतरवाल जाटों का गुणगान 
(1) कुवो खुदायो कलश रो बांधी पुन री पाल !
      सौ सराई मारिया सिद्ध नाथु धतरवाल  !!
(2) धतरवालो में धुन कहिजे बागौ है सुरताणी !
      देवल माते इंडो चाडयो थाने न्यात बुलावें आगे !!
(3) खेमा, मुला, रामजी, बाग इदक डाण  !
      चवके चारों चौधरी जिते कळु मत जाण !!
(4) नाथु,जिवण, चन्दों जुझार हेम, राज, मुखराम !
     गणेश, जग, हुक्माराम, खेमा, कला, जेठाराम !!
 (5)  बायतु में बागो जी खट्टू में कलो जाट हुता जग              सावा !
         भुरगिरि हासी किन्ही भक्ति होग्या भेख भगवा           धारी !!
         अमरो चौधरी कहिजे आकरा सिद्धो चोधरी               होता न्याई !
रेखो धुडोणी साचा सेवक, मुळो पतोणी हुता कारिगर!!

भजन संग्रह

               भजन कलजी धतरवाल                             भजन  (1). कले जाट ने वासग मिळिया वासग मिणधारी रे ........! कळा कंवरजी थारी!  (2)....